भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर excise duty 2026 में ₹10 प्रति लीटर की कटौती की है, ताकि fuel price stability सुनिश्चित किया जा सके और OMCs (Oil Marketing Companies) को वैश्विक तेल की कीमतों के झटके से बचाया जा सके।
यह निर्णय हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल (international crude oil) की कीमतों में लगभग 75% वृद्धि के मद्देनजर लिया गया है। पिछले महीने कीमतें USD 70 प्रति बैरल से बढ़कर USD 122 प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जो पश्चिम एशिया के संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चैन में व्यवधान के कारण हुआ।
Excise Duty Cut and Its Impact on Petrol Diesel Prices
सरकार द्वारा petrol diesel excise duty cut के बावजूद retail pump prices में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- यह कटौती सीधे OMCs की under-recoveries को कम करती है।
- Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी public sector OMCs अपने कच्चे तेल की लागत से कम में ईंधन सप्लाई कर रही हैं।
- वर्तमान में पेट्रोल पर under-recovery लगभग ₹26 प्रति लीटर और डीजल पर ₹81.90 प्रति लीटर है।
- रोजाना कुल under-recovery लगभग ₹2,400 करोड़ है, जिसमें यह कटौती ₹10 प्रति लीटर का योगदान देती है।
इससे OMCs ईंधन की आपूर्ति बनाए रख सकते हैं जबकि retail consumers के लिए price stability बनी रहती है।
India Maintains Fuel Price Stability Amid Global Crisis
दुनिया के अन्य देशों की तुलना में भारत ने ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनाए रखी है।
Global Fuel Price Comparison:
- South & South-East Asia: 30–50% बढ़ोतरी
- North America: 30% बढ़ोतरी
- Europe: 20% बढ़ोतरी
भारत में, इस global price surge के बावजूद domestic fuel prices स्थिर हैं। यह सरकार द्वारा वित्तीय खर्च उठाकर जनता और उद्योग को बचाने की नीति का परिणाम है।
Government Measures to Ensure Domestic Fuel Supply
सरकार ने excise reduction के साथ-साथ diesel export levy भी लागू किया है।
- उद्देश्य: अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज़ी के बावजूद domestic supply को प्राथमिकता देना।
- Refinery output पहले भारतीय खपत के लिए सुनिश्चित किया जाएगा।
- Export levy से निर्यात की प्रोत्साहन कम होगी, ताकि fuel domestic market में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे।
Statement by Petroleum Minister Hardeep Singh Puri
Petroleum & Natural Gas Minister, Shri Hardeep Singh Puri, ने कहा:
“हमारे पास दो विकल्प थे: या तो भारत के नागरिकों के लिए prices drastically बढ़ाएं जैसे अन्य देशों ने किया, या सरकार की finances पर असर डालें ताकि Indian citizens international volatility से सुरक्षित रहें। माननीय PM Narendra Modi ने जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और सरकार ने excise duty में कटौती कर वित्तीय नुकसान उठाया।”
Historical Context and Government Strategy
2022 के Russia-Ukraine conflict के समय भी यही नीति अपनाई गई थी। तब OMCs ने sustained losses उठाए और सरकार ने central taxes कम करके households और businesses को global price volatility से बचाया।
आज भी यही principle लागू है: भारतीय उपभोक्ताओं और उद्योग को global disruptions का खर्च नहीं उठाना चाहिए, जिन्हें उन्होंने cause नहीं किया।
सरकार लगातार global energy market की निगरानी करेगी और domestic supply और price stability सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
Conclusion:
कुल मिलाकर, यह excise duty cut 2026 on petrol and diesel भारत सरकार की strategic approach को दर्शाता है। इसका उद्देश्य है:
- भारतीय उपभोक्ताओं के लिए fuel affordability बनाए रखना
- OMCs को नुकसान से बचाना
- Domestic supply chain में स्थिरता बनाए रखना
- Global crude oil price volatility का असर कम करना
इस निर्णय से भारत में fuel price control मजबूत होगा और आम जनता के लिए राहत सुनिश्चित होगी।
Source website: https://www.pib.gov.in/