मध्यप्रदेश में Energy Sector Investment को लेकर बड़ा विस्तार देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, Torrent Group प्रदेश में संचालित और विकासाधीन विभिन्न परियोजनाओं में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रहा है। इन परियोजनाओं से प्रदेश में 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को गुजरात के अहमदाबाद में Torrent Group और Torrent Power Limited के चेयरमैन श्री समीर मेहता से मुलाकात की। इस दौरान मध्य प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों, नए power projects और भविष्य के निवेश को लेकर चर्चा हुई।
Torrent Group Madhya Pradesh में करेगा 43 हजार करोड़ से अधिक का निवेश
Torrent Group Madhya Pradesh Investment के तहत प्रदेश में कई बड़े energy projects पर काम चल रहा है। इनमें thermal power, wind energy और pumped storage जैसे projects शामिल हैं। सरकार के अनुसार इन निवेशों का उद्देश्य मध्यप्रदेश की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करना और राज्य को energy sector में आत्मनिर्भर बनाना है।
इन परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर investment के साथ युवाओं के लिए employment opportunities भी बढ़ने की उम्मीद है। इससे प्रदेश के industrial development को भी गति मिलने की संभावना है।
Anuppur Thermal Power Project: 1600 MW परियोजना में 22 हजार करोड़ का निवेश
मध्य प्रदेश के Anuppur Thermal Power Project को राज्य की प्रमुख ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है। अनूपपुर जिले में Torrent Power द्वारा 1,600 MW capacity का ultra-supercritical thermal power project स्थापित किया जा रहा है।
इस परियोजना में लगभग 22 हजार करोड़ रुपये का investment प्रस्तावित है। इससे लगभग 7,000 direct and indirect employment opportunities सृजित होने की जानकारी दी गई है।
इस project के लिए मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) के साथ 27 जनवरी 2026 को Power Purchase Agreement (PPA) किया जा चुका है। भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है और L&T तथा Tata Projects को कार्य आवंटित किए गए हैं। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद site पर pre-construction activities जारी हैं।
मध्यप्रदेश में 1600 MW Thermal Power Project से 7 हजार रोजगार के अवसर
1600 MW Thermal Power Project सिर्फ बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इस project से लगभग 7 हजार direct और indirect jobs मिलने की संभावना है।
राज्य के लिए यह project long-term electricity supply और baseload capacity को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे आने वाले समय में प्रदेश की बढ़ती electricity demand को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
PatalKOT Pumped Storage Project: छिंदवाड़ा में 1500 MW ऊर्जा भंडारण परियोजना
हरित ऊर्जा और Energy Storage को बढ़ावा देने के लिए छिंदवाड़ा जिले में 1,500 MW PatalKOT Pumped Storage Project पर काम चल रहा है।
इस project में लगभग 7,500 करोड़ रुपये का investment प्रस्तावित है और इससे करीब 4,000 रोजगार सृजित होने की जानकारी दी गई है। Pumped storage जैसी technology renewable energy को बेहतर तरीके से manage करने और energy storage capacity बढ़ाने में उपयोगी हो सकती है।
Ratlam और Ujjain में 250 MW Wind Energy Project पर काम जारी
Torrent Group द्वारा Ratlam और Ujjain Wind Energy Project पर भी काम किया जा रहा है। दोनों जिलों में कुल 250 MW capacity की wind energy projects विकासाधीन हैं।
इन projects में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का investment और करीब 500 रोजगार का प्रावधान बताया गया है। वहीं, मंदसौर में Torrent Group की 36 MW capacity वाली wind energy unit पहले से संचालित है।
Madhya Pradesh में 800 MW अतिरिक्त Ultra-Supercritical Thermal Power Project
Torrent Group द्वारा मध्यप्रदेश में एक और 800 MW Ultra-Supercritical Thermal Power Project पर भी काम किया जा रहा है।
इस project में करीब 11 हजार करोड़ रुपये के investment का प्रावधान है। इससे लगभग 3,500 रोजगार मिलने की जानकारी दी गई है। यह अतिरिक्त thermal power capacity राज्य की future electricity requirements को पूरा करने में योगदान दे सकती है।
2800 MW Thermal Power Project के लिए DBFOO Tender Process
मध्यप्रदेश में भविष्य की बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 2,800 MW Thermal Power Capacity के लिए DBFOO model पर tender process शुरू की जा रही है।
DBFOO का अर्थ Design, Build, Finance, Own and Operate है। जानकारी के अनुसार, Central Electricity Authority (CEA) ने वर्ष 2036-37 तक मध्यप्रदेश में करीब 1,900 MW अतिरिक्त thermal power requirement का आकलन किया है।
इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार 2,800 MW thermal power capacity की procurement के लिए transparent और competitive tender process शुरू कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने Torrent Power को भी इस tender process में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया है।
Torrent Group की Pharma और Energy Sector में मौजूदगी
Torrent Group केवल Energy Sector में ही नहीं, बल्कि pharmaceutical और city gas distribution जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय है। धार जिले के पीथमपुर में समूह की USFDA-approved pharmaceutical manufacturing unit संचालित है।
इस pharma unit में करीब 300 करोड़ रुपये का investment किया गया है और इससे 400 से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
Renewable Energy में Torrent Power का 2030 तक 10 GW का लक्ष्य
Torrent Power की कुल installed power generation capacity लगभग 5.1 GW बताई गई है। कंपनी वर्ष 2030 तक करीब 10 GW renewable energy capacity विकसित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
इसके लिए कंपनी solar, wind, hybrid, battery storage और pumped storage projects में investment कर रही है। इससे renewable energy और energy storage sector में उसकी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश में Energy Investment से बढ़ेंगे रोजगार और औद्योगिक विकास
Torrent Group का मध्यप्रदेश में proposed और ongoing investment राज्य के Energy Sector और Industrial Development के लिए महत्वपूर्ण है। Thermal power, wind energy और pumped storage projects के साथ बड़े investment से infrastructure development और employment opportunities को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन projects से प्रदेश की बढ़ती electricity demand को पूरा करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, 15 हजार से अधिक direct और indirect employment opportunities का सृजन युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश में Torrent Group का 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक का investment energy sector के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम है। अनूपपुर का 1,600 MW thermal power project, छिंदवाड़ा का 1,500 MW pumped storage project, रतलाम-उज्जैन की wind energy projects और 800 MW thermal power project राज्य की energy capacity को बढ़ाने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
सरकार और निजी क्षेत्र के इन investments से मध्य प्रदेश की energy security, employment generation और industrial development को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।