मध्यप्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने Jal Ganga Conservation Campaign 2026 के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के शहरों में मौजूद नदियों, तालाबों, बावड़ियों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों को सुरक्षित रखना और उनका पुनरुद्धार करना है। यह योजना मोहन यादव, मुख्यमंत्री, के दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार की गई है। इसके माध्यम से जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
Jal Ganga Conservation Campaign का मुख्य उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य लक्ष्य शहरों में मौजूद पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना और उन्हें साफ-सुथरा बनाना है। इसके साथ ही जल संरचनाओं के आसपास किए गए अतिक्रमण को हटाने पर भी जोर दिया गया है।
सरकार का मानना है कि जब नदियाँ, तालाब और नाले अतिक्रमण से मुक्त होंगे, तो वर्षा का पानी आसानी से बह सकेगा और इससे भू-जल स्तर बढ़ने में भी मदद मिलेगी।
जल संरचनाओं के सुधार के लिए वित्तीय योजना
अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर निवेश किया जाएगा:
- AMRUT 2.0 के माध्यम से प्रदेश की 112 जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
- इन संरचनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 3315 एकड़ है।
- इनके सुधार के लिए लगभग 67 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत:
- 100 प्रमुख नालों को साफ और प्रदूषण-मुक्त करने की योजना बनाई गई है।
- इस कार्य के लिए लगभग 664 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
भविष्य के लिए तय किए गए लक्ष्य
सरकार ने आने वाले समय के लिए कई बड़े लक्ष्य भी तय किए हैं:
- 1000 जल ग्रहण संरचनाओं का वैज्ञानिक तरीके से संवर्धन
- 5000 नाले और नालियों की सफाई और सौंदर्यीकरण
- 5000 नई रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणालियों की स्थापना
इन कदमों से शहरों में जल संचय बढ़ेगा और भविष्य में पानी की कमी से निपटने में मदद मिलेगी।
नागरिक सुविधाओं में सुधार
अभियान के तहत लोगों की सुविधाओं को भी ध्यान में रखा गया है।
सरकार ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे:
- प्रमुख बाजारों
- बस स्टैंड
- सार्वजनिक चौराहों
जैसे स्थानों पर प्याऊ (पानी पीने की व्यवस्था) स्थापित करें। इससे गर्मियों में लोगों को आसानी से शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र
अभियान में पर्यावरण संरक्षण को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
- 116 नगरीय निकायों में लगभग 300 एकड़ क्षेत्र को नए हरित क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
- इस पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा आगामी मानसून में पूरे प्रदेश में 1 करोड़ पौधे लगाने की योजना भी तैयार की गई है।
युवाओं की भागीदारी: अमृत मित्र
जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए युवाओं को भी जोड़ा जा रहा है।
- लगभग 5000 युवाओं को अमृत मित्र के रूप में पंजीकृत किया जाएगा।
- ये युवा MY Bharat Portal के माध्यम से जुड़ेंगे।
- इनकी भूमिका लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना होगी।
निष्कर्ष
Jal Ganga Conservation Campaign 2026 मध्य प्रदेश में जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से जल स्रोतों का संरक्षण, शहरों की स्वच्छता, हरित क्षेत्रों का विकास और नागरिक सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। यदि इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो यह भविष्य में स्वच्छ और जल-सुरक्षित मध्यप्रदेश बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
FAQs
- जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 क्या है?
यह मध्यप्रदेश सरकार की एक योजना है जिसका उद्देश्य शहरों में मौजूद जल स्रोतों जैसे नदियाँ, तालाब और नालों का संरक्षण और सुधार करना है।
- इस अभियान का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इसका मुख्य लक्ष्य जल संरचनाओं को साफ करना, अतिक्रमण हटाना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।
- इस कैंपेन में “अमृत मित्र” की क्या भूमिका है?
अमृत मित्र वॉलंटियर पानी बचाने के बारे में जागरूकता फैलाएंगे और लोगों को लोकल पानी के सोर्स बचाने के लिए बढ़ावा देंगे।
- क्या इस योजना में पर्यावरण संरक्षण भी शामिल है?
हाँ, इस योजना के तहत 300 एकड़ में नए हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे और पूरे प्रदेश में 1 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।
