मध्यप्रदेश सरकार ने श्रमिकों (Labour) के कल्याण के लिए एक बड़ी और प्रभावशाली पहल की है। मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य में श्रम स्टार रेटिंग योजना और संबल योजना को और मजबूत किया जा रहा है। इस पहल के तहत 27 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को 600 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। खास बात यह है कि अब Gig Workers और Platform Workers को भी इन योजनाओं में शामिल किया गया है, जिससे श्रमिक वर्ग को व्यापक लाभ मिलेगा।
श्रम स्टार रेटिंग योजना क्या है? (What is the Labour Star Rating System?)
श्रम स्टार रेटिंग योजना एक नई और अनूठी पहल है, जिसमें औद्योगिक संस्थानों को उनके द्वारा श्रमिकों के लिए किए गए कार्यों के आधार पर रेटिंग दी जाती है। इसमें यह देखा जाता है कि कंपनी अपने कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों का कितना ध्यान रखती है।
इस योजना से उन कंपनियों को प्रोत्साहन मिलेगा जो श्रम कानूनों का सही तरीके से पालन करती हैं और अपने कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देती हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा फैसला: श्रमिकों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार श्रमिकों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी अब सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता दी जा रही है।
यह कदम खासकर उन श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण है जो पहले किसी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे।
संबल योजना 2026: 27 हजार परिवारों को 600 करोड़ सहायता
मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना के तहत 27,000 से अधिक श्रमिक परिवारों को 600 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।
यह राशि सीधे श्रमिकों के खातों में ट्रांसफर की गई है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती मिली है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और असंगठित श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
Gig Workers & Platform Workers को पहली बार मिला फायदा
अब तक जो Gig Workers (जैसे delivery boy, online service providers) और platform workers किसी भी सरकारी योजना से बाहर थे, उन्हें भी अब संबल योजना में शामिल किया गया है।
लगभग 3529 गिग वर्कर्स को पहली बार इस योजना का लाभ मिला है, जो एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
श्रमिक कल्याण में सरकार की नई पहल और योजनाएं
राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही श्रमिकों के लिए नई-नई योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य है कि हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा, बीमा, और आर्थिक सहायता मिल सके।
सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक श्रमिक इन योजनाओं से जुड़ें और उनका जीवन स्तर बेहतर हो।
Labour Star Rating से कंपनियों को क्या फायदा होगा?
इस योजना से कंपनियों की विश्वसनीयता बढ़ेगी। जिन कंपनियों की रेटिंग अच्छी होगी, उन्हें बाजार में अधिक सम्मान मिलेगा और लोग उनके उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देंगे।
अभी तक लगभग 554 कारखानों ने इस योजना को अपनाया है, जो इसकी सफलता को दर्शाता है।
MP में श्रमिक योजनाओं का असर और आंकड़े
साल 2018 से शुरू हुई संबल योजना से अब तक 1 करोड़ 83 लाख से अधिक श्रमिक जुड़ चुके हैं।
इसके अलावा 8 लाख 27 हजार से अधिक मामलों में 7,720 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
यह आंकड़े बताते हैं कि योजना वास्तव में श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
4 नई श्रम संहिताएं: क्या बदलाव आएंगे?
केंद्र सरकार द्वारा 4 नई श्रम संहिताएं लागू की जा रही हैं, जिनके अनुसार राज्य सरकार भी नियम तैयार कर रही है।
इन संहिताओं से श्रमिकों को बेहतर सुरक्षा, वेतन और कार्यस्थल पर अधिकारों मिलने की उम्मीद है।
Conclusion
मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल श्रमिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। श्रम स्टार रेटिंग योजना और संबल योजना के जरिए न सिर्फ श्रमिकों को आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा भी मिल रही है।
Gig Workers को शामिल करना इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है, जो इसे और भी व्यापक बनाता है। आने वाले समय में यह योजना श्रमिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो सकती है
FAQ
Q1. श्रम स्टार रेटिंग योजना क्या है?
यह योजना कंपनियों को उनके श्रमिकों के प्रति व्यवहार के आधार पर रेटिंग देने के लिए बनाई गई है।
Q2. संबल योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
गरीब और असंगठित श्रमिकों को आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।
Q3. क्या Gig Workers को भी लाभ मिलेगा?
हाँ, अब Gig Workers और Platform Workers को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
Q4. कितनी राशि दी गई है?
27 हजार परिवारों को 600 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।
Q5. इस योजना से कंपनियों को क्या फायदा होगा?
उनकी विश्वसनीयता और बाजार में पहचान बढ़ेगी।
Source :https://www.mpinfo.org/